सतना और मैहर में आरटीई के तहत सत्र 2026-27 की 297 सीटें अब भी खाली हैं। दो चरणों की ऑनलाइन लॉटरी के बाद भी अपेक्षित दाखिले नहीं हुए, जिससे योजना की प्रभावशीलता और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना और मैहर जिलों में शिक्षा विभाग की ई-हाजिरी व्यवस्था सात माह बाद भी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है। शिक्षक और प्राचार्य की उपस्थिति 80 फीसदी के आसपास ही सिमटी है, जबकि अतिथि शिक्षकों की हाजिरी बेहतर बनी हुई है।
सतना-मैहर जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल परियोजना 4 साल बाद भी अधूरी है। नए भवनों का वादा पूरा नहीं हो सका, बस सुविधा सीमित है और छात्र अब भी पुराने जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की सुस्ती से पालक और छात्र निराश हैं।















